यू पी में पुलिस ने की मुसलमानों से शांति बनाए रखने की अपील

Sambhal News: A story of the life of Prophet Muhammad, the Messenger of Islam is very popular. An elderly woman living in her neighborhood in Mecca threw garbage in her path everyday, she cleared her clothes and went ahead without saying anything. This cycle continued for several days. One day the old lady did not throw the garbage. When the Prophet Mohammed took the information, it came to know that the woman is sick. The Prophet Mohammed went to his house asking for that woman's move and offered help when needed. Impressed by this, the woman adopted Islam. In Muzaffarnagar, Uttar Pradesh, the police resorted to this story and appealed to keep peace with people on the occasion of Holi. This district of western Uttar Pradesh is very communally sensitive and here was a big riot in 2013, in which more than 60 people were killed.
Police appeal

For there should be no communal violence on the occasion of Holi, senior Superintendent of Police, Anant Dev of the district, has distributed a stamp in the district and sent it to the mosques and madarsas.


In this pamphlet it is written, "You do not try to extinguish the fire by remembering the Sunnat-e-Rasul." The need for water to extinguish the fire, do not give up on the wisdom of the senses, or the work of Satan If a child or a woman is seriously mistaken, then act with patience and patience and keep the Amnon-Aman permanent in the hope of holi. "



Talking to the BBC, Anant Dev said, "Holi is the festival of Hindus, sometimes when there is a color or a mosque or a madarasaa wall, there is a dispute, when the color is on the wall." Muslims should exercise restraint on Holi, It should be mentioned in their mind that we all have the responsibility of making communal and social harmony, that is why I have made this appeal. "

अनंत देव कहते हैं, "अगर होली के दिन किस मुसलमान पर या किसी दीवार पर रंग पड़ जाए तो उस पर विवाद नहीं होना चाहिए. दीवार पर पड़ा रंग या कपड़े पर पड़े छींटे साफ़ हो जाएंगे. इतनी उदारता, सब्र और सहनशीलता, समझ और धैर्य लोगों को दिखाना है, इसलिए ही मैंने पैगंबर मोहम्मद के जीवन की कहानी दी है जो उनके आचरण को दिखाती है."

मुस्लिमों ने की सराहना

पुलिस की इस अपील का शहर के मुसलमानों और हिंदुओं ने स्वागत किया है. मुजफ़्फ़रनगर में एक मदरसा चलाने वाले मूसा क़ासमी कहते हैं, "पैगंबर की हदीस बयान कर पुलिस ने लोगों को समझाने की कोशिश की है ये अच्छी बात है."

हालांकि मूसा क़ासमी ये भी कहते हैं कि पुलिस को हिंदुओं से भी इसी तरह पर्चा जारी कर हुड़दंग न मचाने की अपील करनी चाहिए थी. मूसा कहते हैं, "बेहतर होता कि पर्चा दूसरी ओर के लोगों के लिए भी जारी किया जाता क्योंकि होली तो हिंदू मनाते हैं. उनसे भी हुड़दंग न करने की अपील की जानी चाहिए थी. होली पर मस्जिदों को ढक देना मसले का हल नहीं है. लेकिन फिर ये एक बहुत अच्छी कोशिश है."

वहीं अनंत देव का कहना है कि ईद और बकरीद के मौके पर वो इसी तरह की अपील हिंदुओं के लिए जारी करेंगे. उन्होंने कहा, "बकरीद के मौके पर कई बार लोग नाली में ख़ून देखकर भड़क जाते हैं या कुत्ता मुंह में हड्डी ले जाता है तो उससे भी भड़क जाते हैं. हम बकरीद के मौके पर ऐसे ही धीरज रखने की अपील हिंदुओं से भी करेंगे."

शहर के एक हिंदूवादी कार्यकर्ता संजय अरोड़ा ने भी ये पर्चा पढ़ा है. वो कहते हैं, "क़ानून व्यवस्था और शांति बनाए रखना पुलिस की ज़िम्मेदारी है. इसी दिशा में पुलिस ने ये अच्छी पहल की है. मैंने इस बारे में शहर के कई लोगों से बात की. सभी ने इसे सकारात्मक नज़रिए से देखा है. होली के दिन ही जुमा भी है. भगवान न करे किसी के ऊपर रंग गिर जाए तो मामला बिगड़ सकता है. ऐसे में पुलिस अधीक्षक ने अपनी दूरदर्शी सोच से ये क़दम उठाया है."

मुजफ़्फरनगर सांप्रदायिक रूप से यूपी का बेहद संवेदनशील ज़िला है. हाल के सालों का सबसे बड़ा दंगा यहीं हुआ है. सांप्रदायिक हिंसा की अधिकतर वारदातें त्योहारों के मौक़े पर ही होती हैं. ऐसे में पुलिस के इस क़दम को शहर में एक अच्छी शुरुआत के तौर पर देखा जा रहा है.

Says local journalist Amit Saini, "It has always been challenging for the police to maintain peace in Muzaffarnagar, and in recent months the police has achieved some success in doing so. The police is exploring new ways to keep peace. This step has been taken in the same direction, which has an impact on people. "

The police action is so effective that only Holi will be able to know. (Source BBC)



Powered by Blogger.