डॉ. बर्क़ के नामांकन में उमड़ा जन सैलाब






गठबंधन प्रत्याशी डॉ. शफीकुर्रहमान बर्क ने नामांकन में ताकत दिखाई। मैंथा मंडी से समर्थकों के हुजूम और वाहनों के काफिले के साथ कलेक्ट्रेट पहुंचे बर्क ने चार सेट में नामांकन किया। सम्भल से बाइक व चार पहिया वाहनों के काफिले के साथ थे। सपा और बसपा के दिग्गजों ने भी भागीदारी दर्ज कराई। रास्ते में कई जगहों पर उनके काफिले का स्वागत किया गया। सम्भल में काफिला निकलने के कारण कई जगहों पर जाम जैसी स्थिति बन गई। बहजोई में सुरक्षा के तगड़े इंतजाम किए गए थे।



नामांकन के लिए वाहनों का काफिला चौधरी सराय, सरायतरीन व हयातनगर होता हुआ बहजोई पहुंचा। रास्ते में यहां रेलवे क्रासिग के छह सौ मीटर पहले बेरिकेटिग कर बाइक व कार को रोक दिया गया। ऐसे में तीन वाहन आगे बढ़े और उनके साथ पीछे सपा बसपा के पदाधिकारी व कार्यकर्ता पैदल चलने लगे। बड़े मैदान के मुख्य गेट पर समर्थकों को पुलिस फोर्स ने रोक दिया। यहां से डॉ. बर्क अपने साथ राज्यसभा सदस्य जावेद अली खां, पूर्व मंत्री बिजेंद्र पाल सिंह यादव, विधायक असमोली पिकी यादव, विधायक बिलारी फहीम, विधायक कुंदरकी हाजी रिजवान, बसपा के पूर्व मंत्री अकीलुर्रहमान, जियाउर्रहमान बर्क, सपा जिलाध्यक्ष फिरोज खां, बसपा जिलाध्यक्ष संसार सिंह, प्रमोद यादव, गुल्लू यादव, अखिलेश यादव के साथ बड़े मैदान से होकर नामांकन स्थल पहुंचे। यहां गेट पर सभी नेताओं को रोक दिया गया। नामांकन के लिए डॉ. बर्क के साथ सपा व बसपा जिलाध्यक्ष के साथ पूर्व मंत्री बिजेंद्र पाल सिंह यादव ही नामांकन कक्ष तक पहुंचे। डॉ. बर्क ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि मैनपुरी में सपा संरक्षक मुलायम सिंह यादव के नामांकन से पहले रास्ते में सुरक्षा को तगड़ी करनी चाहिए थी। वह देश के बड़े नेता हैं। इसके बाद कार्यकर्ता चन्दौसी के रास्ते जुलूस लेकर वापस सम्भल पहुंचे। नामांकन दाखिल नहीं कर सके प्रसपा के प्रत्याशी



प्रगतिशील समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी करन सिंह यादव भी नामांकन कराने पहुंचे लेकिन कागजी औपचारिकता पूरी न होने के कारण वह नामांकन दाखिल नहीं कर सके। उनका नामांकन स्वीकार नहीं किया गया। इसकी पुष्टि एडीएम लवकुश त्रिपाठी ने की। उन्होंने कहा कि केवल एक ही नामांकन सपा प्रत्याशी का हुआ है, जबकि पाचवें दिन एक नामांकन बिका जो मऊभूड़ के फिरोज खां ने ली। अब केबल दो नामांकन दाखिल किए गए हैं।
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